मेरी मम्मी व बेटी के जन्मदिन पर
तुम ही हो
मेरे आगे भी वो पीछे भी वो,
एक
उम्मीदों की डोर
तो दूसरी
सपनों का छोर,
एक
कर्म की शक्ति
तो दूजी
आशा की सृष्टि,
दोनों ही बेजोड़ और अनमोल
सपनों की रानी और मेरा ऐश्वर्य
मेरी प्रेरणा मेरी कर्म भूमि
तुम ही तो हो....
तुम ही हो।
मनीषा
7/7/2020
तुम ही हो
मेरे आगे भी वो पीछे भी वो,
एक
उम्मीदों की डोर
तो दूसरी
सपनों का छोर,
एक
कर्म की शक्ति
तो दूजी
आशा की सृष्टि,
दोनों ही बेजोड़ और अनमोल
सपनों की रानी और मेरा ऐश्वर्य
मेरी प्रेरणा मेरी कर्म भूमि
तुम ही तो हो....
तुम ही हो।
मनीषा
7/7/2020
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