नवदुर्गा के अवसर पर देवी के नौ रूप को प्रतीकात्मक बनाया है।इसमें पेंसिल रंगों,ब्रश पेन, फाइन लाइन पेन और वैक्स क्रियोन रंगों का उपयोग किया है।
ये सारे दुर्गा जी के प्रतीक बनाए हैं।
नवदुर्गा के अवसर पर देवी के नौ रूप को प्रतीकात्मक बनाया है।इसमें पेंसिल रंगों,ब्रश पेन, फाइन लाइन पेन और वैक्स क्रियोन रंगों का उपयोग किया है।
ये सारे दुर्गा जी के प्रतीक बनाए हैं।
पाषाण युग में पत्थरों पर गणेश जी की आकृति उकेरी जाती थी पर बस आकार से समझ आता था।जैसा जो पत्थर था उसी पर खड़िया, कोयला ,गेरु से बस पोता जाता था।उसी को ध्यान रखते हुए कुछ छवियां बनाई हैं।
आदिमयुगी गणेश की छवियां
1.काली कार्ड पेपर पर रेखाओं से गणेशजी की आकृति उकेरी है ।रेखाओं को सुनहरे और रूपहले ब्रश पेन से उभारा है। पृष्ठभूमि में ऑयल पेस्टल क्रेऑन से रंगीन किया है।
जन्माष्टमी पर कुछ लाइन ड्राइंग पेन और crayon कलर से बनाई हैं।आप सबको जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
गोविंद