संक्रांति पर हाइकु
1.संक्रांति पर्व
तन मन धन का
सदा मनाएं
2.पर्व दो दिन
बच्चा बूढ़ा मनाएं
कर्ता हैरान
3.तन का स्नान
धन धान्य का दान
ढीली उड़ान
4.फूलती तिल
साथ लडडू गोपाल
पोपला दानी
5.चीन के मांझे
ऊंची उड़ान भरे
पंखों को काटे
6.करे ऐलान
जा ठिठुराती सर्दी
पर्व मकर
7.समय श्रेष्ठ
करें मन संक्रांत
बनिए श्रेष्ठ।
संक्रांत यानि (बदलाव)
मनीषा सक्सेना
प्रयागराज
जनवरी 2026
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