हरेक पीढ़ी में भाई दूज का त्यौहार मनाया गया है पर हरेक के रंग अलग हैं।उनके विभिन्न रंग मैने उकेरने की कोशिश की है।
पहली पीढ़ी
मेरी मां और मामाजी
1. अस्सी दशक
छूटे हमदम भी
स्मित मुस्कान
दूसरी पीढ़ी
मैं और मेरे मौसेरे ममेरे भैया बहिन
2.मौका न छोड़े
फ्रेम में भी न आ सके
साथ हैं खड़े।
तीसरी पीढ़ी
मेरी बेटी अपने चचेरे भाई के साथ
3. काम के मारे
छुट्टी का मुंह ताके
वादा निभाएं
चौथी पीढ़ी मेरी नातिन अपने चचेरे दद्दा के साथ
4.दूज हो न हो
मिलन दो बार का
भैया दूज सा।
5.फोन मिलाप
वीडियो औ मैसेज
संवारे दूज
6.साधने दूज
कर्तव्यविमूढ सा
बाजार सजा
7.तीन पीढ़ियां
बुलाती बारम्बार
दिल फटता।
8.बेबस नाती
पुकारता आओ न
कैमरा दिखाता
9.हैं भी, न हैं भी(एक ही शहर में)
निकालते वक्त भी
दूज के लिए
10. अकेला है वो।
चचेरा न मौसेरा
धूम दूज की।




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