Monday, 15 May 2017

हाइकू धूप

                                       हाइकू धूप
राहत देती
घुटने सहलाती
टुकड़ा धूप
पहाड़ स्पर्श
आचमन झीलों का
पधारी धूप
वक्त की छन्नी
बारीक-दरदरा
छानती धूप
थी गुलाब वो
बनी है अब शूल
धूप बबूल
तप के आई
बादलों से लड़ती
साहसी धूप
खेत में सोना
फलियों में मणिका
बो गई धूप
भोर को लाल
संध्या को सुनहरा
रंगती धूप
कभी झरोखों
कभी द्वार संदों से
झांकती धूप
टेसू पलाश
दहकें लपटों से
लुभाती धूप
१०
नवीन ख़ोज
नवल आविष्कार
विज्ञान धूप
११
गिरि से कूदी
वृक्ष फुनगी टिकी
फुर्तीली धूप
१२
फूलों में रंग
पत्तों में हरियाली
सुगंधा धूप

मनीषा सक्सेना



2 comments:

  1. सभी हाईकू एक से बढ़कर एक।

    ReplyDelete
  2. धूप से चमकते हाईकू।

    ReplyDelete