हाइकू धूप
१
राहत देती
घुटने सहलाती
टुकड़ा धूप
२
पहाड़ स्पर्श
आचमन झीलों का
पधारी धूप
३
वक्त की छन्नी
बारीक-दरदरा
छानती धूप
४
थी गुलाब वो
बनी है अब शूल
धूप बबूल
५
तप के आई
बादलों से लड़ती
साहसी धूप
६
खेत में सोना
फलियों में मणिका
बो गई धूप
७
भोर को लाल
संध्या को सुनहरा
रंगती धूप
८
कभी झरोखों
कभी द्वार संदों से
झांकती धूप
९
टेसू पलाश
दहकें लपटों से
लुभाती धूप
१०
नवीन ख़ोज
नवल आविष्कार
विज्ञान धूप
११
गिरि से कूदी
वृक्ष फुनगी टिकी
फुर्तीली धूप
१२
फूलों में रंग
पत्तों में हरियाली
सुगंधा धूप
मनीषा सक्सेना
सभी हाईकू एक से बढ़कर एक।
ReplyDeleteधूप से चमकते हाईकू।
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