भंवर
चलचित्र
की भांति शांति की बातें रह रह कर दिमाग में घूम रहीं थीं इतनी सुन्दर व भोली लड़की
अपनी दुर्बलताओं के कारण भंवर में फंसती चली गयी|नौकरी छोड़ने से पहले एक के बाद एक
धमाके कर रही थी |इतनी सुघड़ता से काम करने वाली खुशमिजाज़ लड़की प्यार के भंवर में फंस गई |साल भर से उसकी कोई खबर नहीं ,
पता
नहीं किस हाल में है -----
“शांति ने आज फिर इतनी देर लगा दी ,झाडू
–बर्तन सब पड़ा है |पता नहीं क्या करती रहती है आजकल ,ज़रूर फोन पर बतिया रही होगी
|सारी बातें इसे फोन पर ही कर लेनी होती हैं ,ये फोन ही इस लड़की को ले डूबेगा|”
“आंटी ..आंटी”
“बातें बाद में ,पहले जल्दी से कुकर
,कढाई धो दे ,दाल सब्जी बनानी है “
तभी उसके फोन की घंटी बजने लगी |वह
फुर्ती से बरामदे में चली गई |पंद्रह मिनिट बाद आई ,हँसते हुये कहती है “कृष्णा को
तो ज़रा जरा सी बात पर फोन करके बात करनी होती है |मैं जो कहूं वही करता है ,जो
खाना चाहूँ वही ले देता है |
“करता क्या है”
“ओला कंपनी में ड्राइवर है”
“पढ़ा लिखा है या तुम्हारी तरह बस साईन
भर करना जानता है”
“आंटी बड़े घर का है ,इंटर पास है |काला
है तो क्या मैं तो गोरी हूँ ना !”
“मौहल्ले में सब उससे डरते हैं दादा
टाइप है न ,पुलिस वालों से भी दोस्ती है उसकी |
कहता है जबसे मुझसे दोस्ती हुई है किसी
और लड़की की तरफ उसका देखने का मन ही नहीं करता है |शादी के बाद मुझसे काम भी नहीं
करवाएगा |”
“पिछली बार आंटी ३०० रू. आपसे ले गई थी
ना जन्मदिन की टीशर्ट दी थी तो देखा
उसकी पीठ पर दागा हुआ नंबर है ,कहरहा था
बैंक में चोरी करते समय कैमरे में फोटो आ गई,इसलिये पुलिस ने पकड़ लिया ,हर महीने
हाजिर होना पड़ता है पर अब वो सुधर रहा है ,केस भी जल्दी सुलट जाएगा|
“हमलोगों ने मंदिर में शादी कर ली है ,
मां बाप राज़ी नहीं हैं ,कमरा किराए पर लेकर रहेंगे |सास ननद का लफड़ा भी नहीं रहेगा
|”
“कोर्ट में की गयी शादी वैध मानी जाती
है मंदिर की नहीं”
“हाँ आंटी ,और भी लोग ये बात कह रहे थे
,कृष्णा कहता है उसकी बहिन की शादी हो जाए फिर हमलोग कोर्ट में भी शादी कर लेंगे |”
“आंटी महीना नहीं हुआ तो बच्चा ठहर जाता
है क्या ?”
“सरकारी अस्पताल में दिखा दो,जांच में
पता लग जाएगा|”
“आंटी बच्चा अभी नहीं चाहिए ,कैसे
पालेंगे ?कल कृष्णा की नौकरी छूट गयी है| ग्राहक ने शिकायत कर दी ,शराब पीकर गाड़ी
चला रहा था |कहता है बच्चा ठहर गया तो गिरा देंगे |पड़ोस वाली भाभी कह रही थी अगर ४
महीने हो गए हैं बच्चा गिरा नहीं सकते हैं| उनको अस्पताल में आया टाईप की औरत मिली
थी कह रही थी कोई बच्चा ना चाहे तो हमको दे देना हम पाल लेंगे |दस हज़ार रु, तुमको
दे देंगे |मैंने भी कह दिया लड़का होगा तो घरवाले हमलोगों को रख लेंगे| लड़का हो या
लड़की ,बच्चा तो अपना ही है न ,किसी को क्यों दें ,हैं ना आंटी |”
शांति दिखाई नहीं पड़ी मौहल्ले में
चर्चा थी की वह मीरगंज की गली में कमरा लेकर रह रही है ,उसके लड़की हुई है |
मीरगंज पहुंचने का भंवर दिखाती वास्तविक कहानी।
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