वॉटर मीटर
कल ही पेपर में खबर
छपी हर घर में वॉटर मीटर लगेगा| सोचा चलो कुछ तो
पानी के बहाव पर रोक लगेगी| अपना पैसा खर्च नहीं हो रहा है तो सार्वजनिक नल तो कभी
बंद ही नहीं होते हैं और घरों
के नलों में पानी टपक रहा है, तो भी कोई चिंता
नहीं| कामवाली,धोबी, माली...... सबका आते ही पहला काम होता है नल पूरा खोल दो| हजार बार समझाया है पानी तो कम से कम धीमा करो
....पर नहीं ..... “भाभीजी खुल्ला पानी न मिले तो हाथ चलता ही नहीं है|” ज्यादा डांटलगाओ तो सुनने को मिलेगा “यहाँ गंगा
मैया रहती हैं पानी कभी कम नहीं होने वाला|”
चलो अब सबका मीटर लग जाएगा तो सब पैसा बचायेंगे तो पानी की बर्बादी अपनेआप
रुकेगी|
दोपहर में लेटी ही थी कि घंटी बजी
......वाटर मीटर .....वाह धन्य हो उत्तरप्रदेश सरकार ....इधर खबर आई नहीं कि
क्रियान्वन भी शुरू ......”आंटीजी कौनसे पाइप में मीटर लगाएं ....गेट पर या बगीचे
वाले पाइप में” “अरे भैया दोनों लाइनों का पानी मोटर से खींचा जाता है तो मोटर के
बाद पाइप काट कर मीटर लगाओ और फिर पाइप जोड़ो” “इतना टेम नहीं है कि पहले काटें फिर
जोड़े ....आज बीस घरों में मीटर लगाना है ......आप भी एक ही लाइन में लगवाओ न
.....सब यही कर रहे हैं ......आपका पैसा भी बचेगा ......कौन देखता है”
“.....तुम्हारे साथ सरकारी इंस्पेक्टर साहब कोई नहीं है क्या” “हैं ना .....मीटर
की रसीद वही काटेंगे”
“ये वॉटर मीटर एक ही
लाइन पर लगेगा दूसरी पर नहीं ......”
“ज्यादातर लोग एक ही
पर लगवाना पसंद कर रहे हैं”
“जांच हुई तब .....”
“जो लगवा रहा है, मैडम उसी की जवाबदेही है| हमको तो एक मीटर हर घर में लगाने का आदेश हुआ है| बताइये कहाँ लगाना है?........”
“मोटर के बाद जो
पाइप घर में आ रहा है उसमें लगवाइये .......मीटर में पता तो चले कितना पानी आ रहा
है ......”
“लड़के, जहाँ मैडम
बता रहीं हैं वहीँ मीटर लगाओ|”
रसीद काटते हुए बोला
...... “आप पहले लोग हैं जो सही काम करा रहे हैं ......बाकी तो एक ही लाइन पर मीटर
लगवा रहें हैं|”
“आप देखकर भी आँखे
मूँद ले रहे हैं.......”
“क्या करें ....पूरे
शहर में इस साल मीटर लग जाना है ........स्टाफ है नहीं ....सब आउटसोर्स है .....ये
लड़के ,मीटर, उसके साथ लगने वाला सामान... वगैरह .....”
“अच्छा ये बताइये
जिन लोगों ने बोरिंग करा रखी है उनके यहाँ मीटर नहीं लगेगा क्या ?”
“हम लोगों को आदेश
तो नहीं हुआ है |”
“ये तो अच्छा आदेश
है .....लक्ष्य प्राप्त करना है पर जवाबदेही किसी की नही| मीटर न हो गया धरती माता के पानी के दोहन का
लाइसेंस हो गया|”
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