Wednesday, 4 September 2019

ये भी है एक रिकॉर्ड


ये भी है एक रिकॉर्ड 

                     प्रयागराज में पौधारोपण को लेकर बहुत गहमागहमी है | हो भी क्यूँ ना ,आखिर इस साल प्रयागराज चौथी बार गिनीज़ बुक में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहा हैI कुम्भ में परिवहन,सफाई व पेंट माय सिटी में तीन बार विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद अब ये उसका चौथा लक्ष्य है|टी वी चॅनल ,समाचार पत्र ,स्कूल कॉलेज ,प्रशासन के आला अधिकारी सब इस खिताब को पाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं कंपनी बाग़ ही नहीं ,छोटी मोटी सारी नर्सरी, बड़े पेड़ों की पौध तैयार करने में लगी हैं| सबका एक ही लक्ष्य है कम से कम तेंतीस हज़ार पौधे एक ही दिन में वितरित करना .....गिनीज़ बुक में नाम दर्ज कराना |

                    आखिरकार वह दिन आ ही गया |मुख्यमंत्री जी की अगुवाई में परेड मैदान में पौधों का वितरण शुरू हुआ और शाम तक लक्ष्य से दोगुने पौधों का वितरण करके विश्व रिकॉर्ड बना ही लिया ......सब प्रसन्न ......विभिन्न समाचार पत्रों व चैनल पर ..... मैडम, आपको अपनी पसंद के पौधे मिले .....” “हाँ जी, अमरुद आम पपीता लीची सब मिला ....” “कहाँ लगायेंगे  ......” “ छत पर ... ...” “चौथी मंजिल पर रहते हैं न ,बगीचा नहीं है ......गमले में बोनसाई बनायेंगे|” स्कूली बच्चों से पूछा ......... पौधे स्कूल में जमा करने हैं, कल माली अंकल आयेंगे तब स्कूल में लगायेंगे......” “देखभाल तो आप करोगे ना .....” “जी ,हर महीने पेड़ के साथ सेल्फी खींच कर पेरेंट टीचर मीटिंग में दिखानी है |” कॉलेज के छात्रों से पूछा गया .....बड़ी जिम्मेदारी है आपके ऊपर, आखिर आप पौधा लाये हैं .......” “हमको तो गिनीज़ बुक में रिकॉर्ड बनाना था सो बन गया ...अब क्या..... बरसात का मौसम है पौधा चलेगा तो चलेगा नहीं तो .....जाते जाते कंधे उचका दिए |अंत में उद्ध्यान अधीक्षक जी से बात हुई .....आखिरकार प्रयागराज में हर सरकारी ,गैरसरकारी बिल्डिंग के  आसपास ,सभी स्कूल कॉलेजों में ,हाईकोर्ट परिसर में ,मंदिरों के प्रांगण में, सभी सड़कों के दोनों तरफ के किनारों,चौराहों, तिराहों पर गमले में पौधे लगा दिए गए हैं,देखभाल का ठेका भी निकाल दिया गया है ,एक हज़ार पौधे कुम्भ के दौरान काटे गए थे उससे कई गुना पौधे लगा दिए गए हैं,रिकॉर्ड भी बन ही गया है पर सर यदि पौधे बच नहीं पाए तो? “सारा काम सरकार का है क्या .....” “  .......नहीं सर ,मेरा पूछने का मतलब था अभी तो बारिश का सीज़न चल रहा है पौधों को पानी मिल रहा है इसके बाद यदि कोई पौधा सूख जाता है या खराब हो जाता है .....तब ?” “हमारे पास आयें और पिछली रसीद दिखा कर पौधा लें जाएँ |एक बार ही क्यों जब जब आपका पौधा खराब हो, आप दूसरा ले सकते हैं| बस छोटे पौधे की देखभाल आपको करनी है| इतना सहयोग तो आप सब कर ही सकते हैं |” तो ये है रिकॉर्ड|

मनीषा सक्सेना ,प्रयागराज

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